Mahendra Singh Dhoni

अपने खेल और प्रतिभा से देश का नाम रौशन करने वाले भारतीय टीम के पूर्व कप्तान Mahendra Singh Dhoni ने अपनी रेगुलर पढाई 12 तक ही की है. उन्होंने हाल ही में हुए एक कार्यक्रम के दौरान अपने जीवन के कुछ अनछुए पल साझा किये जिसमे उन्होंने बताया की वह पढाई में अच्छे नहीं थे जिस कारण से उनकी पढ़ाई सिर्फ 12वीं तक ही हुयी. वह इस कार्यक्रम में छात्रो से रूबरू हुए.  उन्होंने मजाकिया अंदाज में एक किस्सा सुनाया जिसमे उन्होंने बताया की उन्होंने किस तरह पहली बार क्लास बंक की थी. तब वे 11वीं में थे.उन्होंने बताया की जब वह 12 वीं  में थे तो उन्हें क्रिकेट खेलने रांची से बहार जाना पड़ता था जिस कारण वे पढ़ी पे धयान  नहीं दे पाते थे . उन्होंने 50 और 60 % से अपनी परीक्षा पास की.

 

Mahendra Singh Dhoni ने बच्चो  को सन्देश दिया की स्कूल में होने वाले खेलो में जरुर भाग लेना चाहिये और समझना चाहिये की वे किस खेल में ज्यादा अच्छे है इस बात की पहचान बेहद जरूरी है की आप का स्ट्रोंग जोन क्या है आप की इच्छा शक्ति किस्मे काम करती है और आप किसमें निपूर्ण है.

 

Mahendra Singh Dhoni भारत के सबसे सफल कप्तानो में से एक रहे है जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को शिखर तक पहुचाया है.  Dhoni की कप्तानी में भारतीय टीम ने 199 वन डे कहेले है जिन्हें उन्होंने 110 में जीत का स्वाद चखा है.  Dhoni अपने प्रशंसको के काफी प्रिये है और वे ” माही  ”  के नाम से जाने जाते है. Mahendra Singh Dhoni का कप्तानी के दौरान जीत का प्रतिशत 59.57 रहा है जिनसे आगे ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज रिक्की पोंटिंग का नाम आता है. Mahendra Singh Dhoni 2008 से 2014 तक कप्तानी की जिसमे खेले गए 60 मैचो में से भारतीय टीम ने 27 में जीत हासिल की और 18 में हार का मुह देखना पड़ा.

 

धोनी विश्व में वन डे कप्तानी में तीसरे नंबर पर आते है लेकिन उनका औसत दुसरे नंबर पर बरकरार फ्लेमिंग से आगे है. Mahendra Singh Dhoni ने भारत के लिए अपनी कप्तानी में जिन इबारतो को लिख दिया उन्हें अब छू पाना किसी भी कप्तान के लिए आसन नहीं होगा.

 

 

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